
बीजापुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में माओवादी संगठन से मोहभंग होने के बाद 50 माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पित माओवादियों में 68 लाख के इनामी PLGA बटालियन नंबर 01, कंपनी नंबर 02 और 07 के सदस्य, कुतुल एरिया कमेटी, नेशनल पार्क एरिया कमेटी के ACM स्तर के सदस्य, जनताना सरकार अध्यक्ष, केएएमएस अध्यक्ष और सीएनएम सदस्य शामिल हैं।
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों ने बताया कि सरकार द्वारा अंदरूनी इलाकों में स्थापित किए जा रहे सुरक्षा कैंप, सड़कों का विस्तार, परिवहन सुविधाएं, बिजली, पानी और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभाव से वे मुख्यधारा में लौटने को प्रेरित हुए। इसके अलावा, पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे सामुदायिक पुलिसिंग अभियान तथा आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के व्यापक प्रचार-प्रसार ने भी उनके फैसले को प्रभावित किया। माओवादियों ने संगठन में बढ़ते आंतरिक मतभेदों, विचारधारा से मोहभंग और सुरक्षित पारिवारिक जीवन जीने की चाह को आत्मसमर्पण का प्रमुख कारण बताया।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी 2024 से अब तक 656 माओवादी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, 346 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है और विभिन्न मुठभेड़ों में 141 माओवादी मारे गए हैं। वहीं, 1 जनवरी 2025 से अब तक 153 माओवादी गिरफ्तार हुए, 157 ने आत्मसमर्पण किया और 83 माओवादी मुठभेड़ों में मारे गए।समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले माओवादियों को पुनर्वास नीति के तहत 25-25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई।समर्पण कार्यक्रम के दौरान पुलिस उप महानिरीक्षक केरिपु बीजापुर देवेन्द्र सिंह नेगी, पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ जितेन्द्र कुमार यादव, विभिन्न बटालियनों के कमांडेंट और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
आत्मसमर्पण करने वाले प्रमुख माओवादियों में रविन्द्र कारम, रोनी परसिक, राकेश कड़ती, कोपे लेकाम, शांति ताती, सोनू हेमला, भीमा ओयाम, पायकी हपका, सोनू ताती, पोज्जा ताती सहित अन्य प्रमुख नाम शामिल हैं। इन सभी माओवादियों पर लाखों रुपये का इनाम घोषित था और वे कई वर्षों से संगठन में सक्रिय थे।