अंबिकापुर।वर्तमान समय में सड़क सुरक्षा और साइबर जागरूकता अत्यंत महत्वपूर्ण विषय बन गए हैं। नियमों की अनदेखी, ट्रैफिक उल्लंघन, खतरनाक स्टंट,और सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी का प्रसार समाज के लिए गंभीर चुनौतियां उत्पन्न कर रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरगुजा पुलिस ने 28 फरवरी को एक विशेष बैठक का आयोजन किया, जिसमें स्कूल संचालकों, प्राचार्यों सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कॉलेज प्रबंधन को शामिल किया गया। बैठक का उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना और सभी को जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना था। नागरिकों और बच्चों को यातायात सुरक्षा,साइबर सुरक्षा और महिला सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक सरगुजा योगेश पटेल ने निर्देश दिए थे। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लों ,नगर पुलिस अधीक्षक रोहित शाह और रक्षित निरीक्षक तृप्ति सिंह राजपूत के नेतृत्व में  बैठक आयोजित की गई।

गौरतलब है कि हाल ही में स्कूल के विदाई समारोह के दौरान कुछ स्कूलों के छात्रों ने यातायात नियमों का खुला उल्लंघन किया जिसका वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा था। छात्रों ने अंबिकापुर शहर के विभिन्न सड़कों पर बाइक और कारों से तेज रफ्तार में स्टंट किए थे ।ज़िग-ज़ैग ड्राइविंग और बेलगाम वाहन दौड़ाने की वजह से सड़क पर चल रहे अन्य राहगीरों की जान को खतरा उत्पन्न हो गया था।हालांकि पुलिस प्रशासन के द्वारा कड़ी कार्रवाई करते हुए ओ.पी.एस. स्कूल के बच्चों के द्वारा हुडदंगी करने पर वाहनों के ऊपर अपराध दर्ज किया गया था वहीं जिला शिक्षा अधिकारी ने इस घटना को गंभीर कदाचार करार देते हुए स्वामी आत्मानंद के 11 छात्रों को तत्काल विद्यालय से निलंबित करने का आदेश दिया था। और इन छात्रों को कक्षा 12वीं की वार्षिक परीक्षा में बैठने से भी वंचित कर दिया गया है।

इन घटनाओं के बाद स्कूल प्रशासन और अभिभावकों की जिम्मेदारी पर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे थे। प्राचार्य और शिक्षकों को इस बात की जानकारी थी कि उनके छात्र इस तरह की हरकत कर रहे है बावजूद जिसके स्कूल प्रबंधन ने छात्रों को अनुशासन में रखने के लिए कोई कदम नहीं उठाया और यह उनकी लापरवाही दर्शाता है। जिसके बाद यातयात व्यवस्था में सुधार करने और ऐसी खतरनाक घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से बैठक आयोजित की गई।



सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं
 
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लो ने संबोधित करते हुए कहा कि सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति का कर्तव्य है।अगर कोई ट्रैफिक नियम तोड़ता है या साइबर अपराध में संलिप्त होता है, तो नागरिकों को जागरूकता दिखानी चाहिए और आवश्यक होने पर पुलिस को सूचना देनी चाहिए। उन्होंने इस पहल को सफल बनाने के लिए सभी नागरिकों से सहयोग की अपील की और कहा कि यदि सभी अपने स्तर पर सतर्क रहेंगे, तो समाज को सुरक्षित बनाया जा सकता है।

ट्रैफिक नियमों की अनदेखी से बचने की अपील

बैठक में युवाओं को सड़क सुरक्षा के प्रति सचेत करने पर विशेष जोर दिया गया। तेज रफ्तार में वाहन चलाना, बिना हेलमेट के बाइक चलाना, ट्रैफिक सिग्नल तोड़ना और खतरनाक स्टंट करने जैसी प्रवृत्तियों पर चर्चा की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह केवल रोमांचक नहीं, बल्कि जानलेवा भी हो सकता है। इस दौरान कुछ वास्तविक घटनाओं के उदाहरण प्रस्तुत किए गए, जिनमें लापरवाही के कारण गंभीर सड़क दुर्घटनाएं हुईं। साथ ही, सरगुजा पुलिस द्वारा ट्रैफिक उल्लंघन के विरुद्ध की गई सख्त कार्रवाई के वीडियो और केस स्टडी भी दिखाए गए, ताकि युवाओं को यह एहसास हो कि नियमों की अवहेलना के क्या परिणाम हो सकते हैं। 

सोशल मीडिया पर सही जानकारी साझा करने की अपील
 
डिजिटल युग में सोशल मीडिया एक प्रभावशाली माध्यम बन चुका है। लेकिन कई बार गलत और भ्रामक जानकारी के कारण अपराध और भ्रम बढ़ते हैं। बैठक में इन्फ्लुएंसर्स और स्कूल प्रबंधन से अनुरोध किया गया कि वे सोशल मीडिया पर केवल सही और जागरूकता फैलाने वाली सामग्री ही साझा करें।इसके लिए सरगुजा पुलिस ने एक विशेष व्हाट्सएप ग्रुप बनाने की घोषणा की, जिसमें नियमित रूप से ट्रैफिक सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और महिला सुरक्षा से जुड़ी जानकारियां साझा की जाएंगी। इन्फ्लुएंसर्स से आग्रह किया गया कि वे इस पहल को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रमोट करें, ताकि अधिक से अधिक लोग जागरूक हो सकें। 

साइबर सुरक्षा और अवैध कंटेंट की रिपोर्टिंग पर मार्गदर्शन

सोशल मीडिया पर गलत जानकारी और अवैध कंटेंट की पहचान और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया को लेकर भी विस्तृत जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल स्पेस को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए सभी को सतर्क रहने की जरूरत है। 

समाप्ति में यह स्पष्ट किया गया कि अगर सभी लोग मिलकर इन मुद्दों पर ध्यान देंगे और सतर्क रहेंगे, तो समाज को एक सुरक्षित स्थान बनाया जा सकता है। सम्पूर्ण कार्यक्रम में विशेष रूप से पुलिस मितान अतुल गुप्ता, विक्की गुप्ता, श्रुति तिवारी,बसंत श्रीवास्तव का योगदान रहा।

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