अंबिकापुर: सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पति ने अपनी पत्नी की हत्या कर साक्ष्य छुपाने के लिए शव को पेट्रोल से जलाने के बाद गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने मामले की गहन जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसकी निशानदेही पर मृतिका का जला हुआ कंकाल बरामद किया है। 

थाना जीआरपी शहडोल, मध्यप्रदेश के सहायक उपनिरीक्षक देवनारायण बिजोरिया ने 25 फरवरी को थाना लखनपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट के अनुसार, 14 फरवरी को अमरीश कुमार (32 वर्ष), निवासी मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश, ने जीआरपी शहडोल में अपनी पत्नी मोनी निशाद राज (28 वर्ष) की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि अनुपपुर से कटनी जाने के दौरान उसकी पत्नी ट्रेन में फ्रेश होने के लिए गई और वापस नहीं आई। 

गुमशुदगी की जांच के दौरान पुलिस ने जब अमरीश कुमार से सख्ती से पूछताछ की, तो उसने चौंकाने वाला सच उगल दिया। उसने बताया कि उसकी पत्नी को शक था कि उसका किसी अन्य महिला से संबंध है, जिस वजह से दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते थे। इसी से परेशान होकर अमरीश ने पत्नी को घूमने के बहाने 11 फरवरी को सरगुजा जिले के कुंवरपुर जंगल में ले जाकर दिन के 12:30 बजे साल के पेड़ की शाखा से उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को पहचान से बचाने के लिए उसने पेट्रोल डालकर जला दिया और वहां से फरार हो गया। बाद में, पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने जीआरपी शहडोल में पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। 

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर लखनपुर के कुंवरपुर जंगल में छानबीन की, जहां से जला हुआ कंकाल, मृतिका के अधजले कपड़े और एक बाजारू अंगूठी बरामद हुई पुलिस ने आरोपी अमरीश कुमार के खिलाफ लखनपुर थाने में अपराध क्रमांक 46/25 धारा 103(1), 238 बीएनएस और मर्ग क्रमांक 19/25 धारा 194 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। 

इस पूरे ऑपरेशन में थाना प्रभारी लखनपुर प्रशिक्षु आईपीएस मयंक मिश्रा, निरीक्षक अश्वनी सिंह, प्रधान आरक्षक पन्ना लाल, प्रधान आरक्षक रवि सिंह, आरक्षक दशरथ राजवाड़े और चित्रसेन प्रधान  की अहम भूमिका रही।

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